बिहार में भारत-नेपाल सीमा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वर्ष 2025 में अब तक 25 विदेशी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं।
इस मुद्दे पर राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा से जुड़े विभिन्न पहलुओं—सुरक्षा, निगरानी और अवैध गतिविधियों—पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा खुली सीमा होने के कारण आवाजाही आसान है, जिसका कुछ लोग दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमा पर तैनात एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट रहने और सूचना तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि सतर्कता और बेहतर समन्वय के जरिए घुसपैठ जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। आने वाले समय में सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और कड़ा किए जाने की संभावना है।

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