सिंगरौली के बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई 15 करोड़ रुपये की लूट के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इस वारदात की योजना करीब एक महीने पहले ही बना ली थी।
आरोपियों ने मोरवा क्षेत्र में बड़ी मस्जिद के पास एक मकान किराए पर लिया था। मकान लेते समय उन्होंने खुद को मजदूर बताया, ताकि किसी को उन पर शक न हो। शुरुआत में तीन लोग वहां रह रहे थे, बाद में उनके अन्य साथी भी आकर शामिल हो गए। पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान कई अहम सुराग जुटाए हैं और मकान मालकिन से भी पूछताछ की गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रोजाना बैंक और आसपास के इलाकों की रेकी करते थे। उन्होंने कई बैंकों को निशाने पर रखा, लेकिन अंत में बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए चुना क्योंकि वहां सुरक्षा गार्ड नहीं था, जिससे लूट को अंजाम देना आसान हो गया।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश कुमार को रोहतास से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट से आठ दिन की पुलिस रिमांड मिली है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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