अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, और शुरुआती 48 घंटों में ही भारी सैन्य खर्च सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान करीब 5.6 अरब डॉलर के हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिससे अमेरिका को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
जानकारी के अनुसार, इन 48 घंटों में लगभग 1200 पैट्रियट मिसाइल दागी गईं। ये मिसाइलें दुश्मन के हवाई हमलों को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं और बेहद महंगी होती हैं। इतनी बड़ी संख्या में इनका उपयोग युद्ध की तीव्रता को दर्शाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह खर्च मुख्य रूप से एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य उन्नत सैन्य संसाधनों पर हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था और रक्षा बजट पर और गहरा पड़ सकता है।
इस संघर्ष में इजरायल की सक्रिय भूमिका भी सामने आई है, जहां संयुक्त सैन्य रणनीति के तहत हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है। वहीं ईरान की ओर से भी लगातार प्रतिक्रिया दी जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतने कम समय में इतना बड़ा खर्च किसी भी देश के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह संघर्ष कूटनीतिक स्तर पर सुलझता है या और अधिक सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।
