ग्वालियर। शहर से म्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क आपरेट हो रहा था। नाका चंद्रवदनी के रहने वाले बिचौलिये मुकेश गुर्जर को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा है, जिसने राजस्थान, बंगाल, बिहार, उप्र, कर्नाटका, गुजरात तक के लोगों से इंस्टाग्राम के जरिये खातों को किराये पर लेने की डील की। फिर इन खातों को विदेश में बैठे ठगों को उपलब्ध कराया।
मुकेश खुद भी अपने खातों में ठगी की रकम मंगवाता था, जिसके एवज में उसे कमीशन मिलता था। दो करोड़ रुपये से ज्यादा के लेनदेन के सबूत क्राइम ब्रांच को मिले हैं। मुकेश पर एफआइआर दर्ज कर ली गई है। पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। उससे म्यूल खातो के नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम का खुलासा हो सकता है।
एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को दिया टास्क
साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल होता है। इसके चलते म्यूल खातों के खिलाफ प्रदेशभर में पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी अमित शर्मा, धर्मेंद्र कुशवाह और इनकी टीम को भी टास्क दिया है कि म्यूल खातों के शहर से चल रहे नेटवर्क को पकड़ा जाए।
म्यूल खातों का नेटवर्क चला रहे आरोपी को पकड़ा
मुखबिर से क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि नाका चंद्रवदनी इलाके में रहने वाला मुकेश गुर्जर म्यूल खातों का नेटवर्क चला रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे उसके घर से ही दबोच लिया। उसे क्राइम ब्रांच लाकर पूछताछ शुरू की गई तो पहले कुछ नहीं बताया।
सख्ती करने पर उसने बताया कि एक साल से वह म्यूल खातों की खरीद-फरोख्त कर रहा है। पहले उसने अपने दो खाते किराये पर दिए थे। जिनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उप्र से हुई साइबर ठगी का पैसा आया है। इसके बाद उसका मोबाइल देखा तो इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिये दूसरे राज्यों के कई लोगों से उसकी चैटिंग मिली। जिसमें खातों की खरीद-फरोख्त की ही बात थी।

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