केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग में सभी आईएएस अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्तियों का ब्यौरा दिया है। इसमें मध्यप्रदेश के भी आईएएस शामिल हैं। ऐसे में सभी की नजरें होती हैं कि आखिर एमपी की आर्थिक राजधानी इंदौर में पदस्थ अधिकारियों की संपत्ति कितनी है।
इसकी जानकारी द सूत्र ने खंगाली। वहीं इंदौर में बीते दस सालों में रहे कलेक्टरों की भी संपत्तियों के रिकॉर्ड को खंगाला कि आखिर इनमें कौन सबसे ज्यादा अमीर है।
संभागायुक्त के आगे फीके कलेक्टर, निगमायुक्त
इंदौर में पदस्थ 2006 बैच के आईएएस सुदाम पंढरीनाथ खाड़े की अचल संपत्तियों की कुल कीमत तीन करोड़ 21 लाख रूपए है। इन संपत्तियों से वह हर साल करीब चार लाख 90 हजार रूपए की आय करते हैं।
वहीं, इंदौर कलेक्टर और 2013 बैच के आईएएस शिवम वर्मा संपत्ति मामले में कहीं भी सूची में नहीं हैं। उनकी संपत्तियां शून्य हैं। उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। इसी तरह 2014 बैच के आईएएस और वर्तमान में निगमायुक्त (आईएएस क्षितिज सिंघल) का भी यही हाल है। उनके पास भी कोई अचल संपत्ति नहीं है और उन्होंने अपने ब्यौरे में अचल संपत्ति शून्य बताई है।
इंदौर के पूर्व कलेक्टरों की संपत्ति को लेकर ये हाल
अब शिवम वर्मा से पहले इंदौर में बीते 10 सालों में कलेक्टर रह चुके आईएएस आशीष सिंह, इलैयाराजा टी., मनीष सिंह, लोकेश जाटव, निशांत वरवड़े और पी. नरहरि की भी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। यह साल 2015 से 2025 (दस साल) के दौरान इंदौर में कलेक्टर पद पर पदस्थ रहे हैं।
आईएएस आशीष सिंह (जनवरी 2024 से सितंबर 2025) वर्तमान में उज्जैन संभागायुक्त सिंह की संपत्ति शून्य है। इनके पास एक भी अचल संपत्ति नहीं है।
आईएएस इलैयाराजा टी. यह इंदौर में नवंबर 2022 से जनवरी 2024 तक कलेक्टर रहे। इनकी संपत्ति का रिकॉर्ड नहीं मिला है।
आईएएस मनीष सिंह यह इंदौर में मार्च 2020 से नवंबर 2022 तक कलेक्टर रहे हैं। इनके पास मूल रूप से पैतृक संपत्ति है। वहीं एक संपत्ति स्वयं और पत्नी के नाम संयुक्त तौर पर है, जो इंदौर में 0.230 हेक्टेयर बढ़ियाकीमा, बिचौली हप्सी में है। इसकी कीमत 65 लाख रूपए है। यह खाली पड़ी है। वहीं पैतृक संपत्ति में भोपाल हुजूर में उनकी पत्नी के नाम पर संपत्ति है, जो उन्हें उनके पिता से मिली है। इसी तरह बीडीए से लीज होल्ड प्लॉट है अंकुर कॉलोनी, शिवाजी नगर, भोपाल में, जो वसीयत के आधार पर मिला है।
लोकेश जाटव - यह इंदौर में जनवरी 2019 से मार्च 2020 तक कलेक्टर रहे हैं। इनके पास झांसी (यूपी) में एक पैतृक संपत्ति है, जिसकी कीमत 77 लाख रुपए है। वहीं भोपाल में गांव महाबढ़िया, कोलार में खाली प्लॉट है, जिसकी कीमत 25 लाख रूपए है। यह पत्नी के नाम पर है।
आईएएस निशांत वरवड़े यह इंदौर में जून 2017 से दिसंबर 2018 तक कलेक्टर रहे हैं। इन्होंने भी संपत्तियां शून्य बताई हैं। अचल संपत्तियां इनके पास नहीं हैं।
सबसे अमीर कलेक्टर पी. नरहरि
वहीं इंदौर में बीते 10 सालों में कलेक्टर रहे आईएएस अधिकारियों में सबसे ज्यादा संपत्ति साल 2001 बैच के अधिकारी पी. नरहरि की है। इनके पास कुल पांच करोड़ 62 लाख रूपए की अचल संपत्तियां हैं।
तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले में जमीन है, जिसकी कीमत छह लाख 52 हजार रुपए है। यह खुद के नाम पर है।
तेलंगाना के मल्काजगिरी में जमीन है, जिसकी कीमत एक करोड़ 68 लाख रूपए है, जो खुद और पत्नी के संयुक्त नाम पर है।
यहीं पर एक और जमीन है, जिस पर घर बना हुआ है। इसकी कीमत तीन करोड़ रुपए है।
तेलंगाना में ही पेट्टापल्ली जिले में जमीन है, जिस पर दो मंजिला मकान है। इसमें जमीन की कीमत 24 लाख 70 हजार रूपए और मकान की कीमत 61 लाख रुपए है।

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