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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी दूसरे देश के इशारे पर काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के नेता हैं और वे केवल अमेरिका के हित को ध्यान में रखकर ही फैसले लेते हैं।
जो केंट ने लगाए थे आरोप लेविट का यह बयान नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट के इस्तीफे के बाद आया है। जो केंट ने अपने पद से हटने के बाद गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने इस्राइल और वहां की ताकतवर लॉबी के दबाव में आकर ईरान के साथ युद्ध शुरू किया है। केंट ने यह भी दावा किया था कि ट्रंप को कोई दूसरा देश नियंत्रित कर रहा है।
जो केंट के आरोपों पर क्या बोलीं प्रेस सचिव?इन आरोपों पर पलटवार करते हुए लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ने जो केंट को देश की सेवा करने का मौका दिया था। लेकिन उन्होंने झूठ से भरे एक लेटर के साथ इस्तीफा दे दिया। लेविट के अनुसार, ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के सेना के प्रमुख हैं और उन्हें कोई नहीं बताता कि क्या करना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति ईरान को आतंकवाद का समर्थक नहीं मानता, वह आतंकवाद विरोधी विभाग का प्रमुख नहीं हो सकता।
लेविट ने बताया कि ईरान बहुत तेजी से बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहा था ताकि वह परमाणु बम तैयार कर सके। अमेरिकी खुफिया जानकारी के अनुसार, ईरान अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रहा था।
इसलिए ट्रंप ने अपनी सेना और संपत्ति की सुरक्षा के लिए ईरान पर हमले का फैसला लिया।ट्रंप के चीन दौरे पर क्या बोली प्रेस सचिव चीन यात्रा के बारे में लेविट ने बताया कि ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की टीमें नई तारीख तय करने पर काम कर रही हैं। मई में ट्रंप के कुछ जरूरी घरेलू कार्यक्रम हैं, इसलिए फिलहाल यह यात्रा टाल दी गई है। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग भी काफी व्यस्त हैं, इसलिए जल्द ही दोनों पक्ष मिलकर नई तारीखों का एलान करेंगे।तुलसी गबार्ड पर कही ये बात जब लेविट से पूछा गया कि क्या जो केंट के इस्तीफे से नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड की नौकरी को कोई खतरा है, तो उन्होंने इससे इनकार किया
। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है और उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।लेविट ने यह भी जानकारी दी कि ट्रंप पश्चिम एशिया के संकट को लेकर यूरोपीय और खाड़ी देशों के सहयोगियों से लगातार बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना बहुत सक्षम है और उसके पास अभी भी कई गुप्त रणनीतियां हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार के पास एक ठोस योजना है और वे अपने सहयोगियों से इस संकट में और ज्यादा मदद करने की अपील कर रहे हैं।
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