नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया है कि देश के संविधान के अनुच्छेद 76, खंड 1 के अनुसार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता और संसदीय दल के नेता बालेंद्र शाह 'बालेन' को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अभूतपूर्व जनादेश मिलने के बाद उनके नेतृत्व में बनी सरकार को जनता की उम्मीदों को पूरा करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
देश के एक पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि सुधार के लिए पर्याप्त अवसर हैं, क्योंकि "काफी चीज़ें ग़लत हो गई हैं."
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार को शुरुआत में उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो सीधे जनता से जुड़े हैं.
राजनीति के एक जानकार ने कहा कि भारी बहुमत से बनी नई सरकार से लोगों की उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं और नागरिकों का भरोसा बनाए रखना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.विशेषज्ञों का कहना है कि इसराइल और अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सरकार को इमिग्रेशन, रेमिटेंस (विदेशों में काम कर रहे लोग जो पैसा अपने घर भेजते हैं), ईंधन आपूर्ति और महंगाई जैसे मुद्दों पर तुरंत क़दम उठाने की ज़रूरत है.

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