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पुणे पोर्श दुर्घटना मामला: सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के बावजूद मिली जमानत, SC ने ट्रायल में सहयोग का दिया निर्देश Pune Porsche accident case: SC grants bail despite fears of evidence tampering, directs cooperation in trial

पुणे में शराब के नशे में धुत होकर पोर्श कार चलाने वाले नाबालिग आरोपित के पिता को सुप्रीम ने जमानत दे दी है। 17 वर्षीय नाबालिग ने नशे की हालत में कार चलाते हुए दो आइटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। यह घटना 19 मई, 2024 की है।


 

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने विशाल अग्रवाल को जमानत दी। उस पर नाबालिग बेटे के रक्त के नमूने बदलने की साजिश रचने का आरोप है। यह साजिश उसने इसलिए ताकि कार में सवार लोगों को 'नान अल्कोहल' रिपोर्ट आ सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सह-आरोपितों को राहत दी जा चुकी है।

आरोपित पिछले 22 महीनों से जेल में है। निचली अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों और नियमों के अधीन जमानत दी जाती है।

महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल को जमानत देने का विरोध किया और कहा कि अन्य सह-आरोपितों के साथ समानता का आधार उनके मामले में लागू नहीं होगा।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अग्रवाल को इस मामले के किसी भी गवाह से संपर्क करने से रोक दिया और निचली अदालत को सुनवाई शीघ्र समाप्त करने का निर्देश दिया।

पीठ ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों से संपर्क करने का कोई प्रयास नहीं करेगा। शर्तों का उल्लंघन करने पर राज्य सरकार जमानत रद करने की मांग कर सकती है।

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