सतना - जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से कई करोडो रूपए का घोटाला हो गया। लेकिन खाद्य आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन अभी भी ईमानदार और बेदाग है। आपको अवगत करा दे उचेहरा ब्लॉक की 26 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों मे 3 करोड़ 68 लाख रुपए का सरकारी खाद्यान्न गायब हो गया। उक्त खाद्यान्न हितग्राहियों को वितरण करना था। लेकिन यह रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया। इस पूरे मामले में एसडीएम सुमेश द्विवेदी के यहां शिकायत हुई उन्होंने इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की और राशन वितरण करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।
लेकिन इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा सवाल है कि राशन वितरण 3 से 4 महीने से नहीं हुआ और खाद्यान गायब हो गया तो इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी किसकी थी ? खाद्य आपूर्ती विभाग की थी ? तो फिर खाद्य आपूर्ति विभाग के जिम्मेदारों से सवाल क्यों नहीं किया गया ? और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज करबाई गई ? जबकि इस पूरे मामले में यदि कोई वास्तव में कोई दोषी है तो वह सतना जिले का जिला खाद्य आपूर्ती अधिकारी सम्यक जैन, परंतु सम्यक जैन इस पूरे मामले मे मौन है। सूत्र बताते है सम्यक जैन सतना से तबादला करने में जुटा हुआ है, क्योंकि वह भली - भाती जानता है कि इस पूरे घोटाले में उसकी भूमिका संदिग्ध है, आज नहीं तो कल वह बेनकाब हो जाएगा। सतना कलेक्टर ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ है इसलिए आग्रह है खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की इस पूरे मामले में साठ-गाठ है ऐसी खबर पंचायत मेल के पास है। इस मामले में टीम गठित कर जांच करवाई जाए तो खाद्य आपूर्ति अधिकारी, इंस्पेक्टर सब बेनकाब हो जाएंगे।

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