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पर्यटन निगम में करोड़ों की हेराफेरी, बंगाल के अधिकारी-कारोबारी भी घेरे मेंMulti-Crore Embezzlement in Tourism Corporation; Bengal Officials and Businessmen Also Under Scanner

 

रांची। झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) के खाते से 10 करोड़ 40 लाख रुपये की हेराफेरी मामले में ईडी ने इस वर्ष का पहला केस दर्ज किया है।

ईडी ने इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) नंबर 1/2026 में दर्ज इस केस में जेटीडीसी के तत्कालीन लेखापाल सह कैशियर गिरजा प्रसाद सिंह और केनरा बैंक हटिया शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अमरजीत कुमार व आलोक कुमार को आरोपित बनाया है।


ईडी अब इस पूरे प्रकरण को पीएमएल अधिनियम के तहत जांच में जुटी है। विभाग व बैंक के अधिकारियों के अलावा बंगाल के कारोबारियों की संलिप्तता के बिंदु पर ईडी की जांच जारी है।

इसपर रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में 26 मार्च को सुनवाई होगी, इसमें ईडी अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उक्त राशि किन-किन खातों में किसी माध्यम से भेजी गई, ईडी इसकी भी जानकारी जुटा रही है।

ईडी ने अब तक की प्रारंभिक जांच में पाया है कि 21 जून 2023 को जेटीडीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से केनरा बैंक की हटिया शाखा में निगम के नाम पर खाता खोला गया था।

इसके बाद उक्त खाते में 13 अक्टूबर 2023 को इस खाते में 10 करोड़ 40 लाख 7496 रुपये स्थानांतरित किए गए थे। ईडी ने जांच में पाया कि उक्त राशि को उस खाते से योजनाबद्ध तरीके से कई संदिग्ध खातों में हस्तांतरित किया गया था।

इनमें रांची व पतरातू के एक निजी बैंक की शाखा व अन्य व्यक्तियों के नाम पर खोले गए खातों में रुपये हस्तांतरित हुए थे और उसकी निकासी भी की गई थी।

धुर्वा में दर्ज केस को सीआइडी ने किया था टेकओवर

रांची के धुर्वा थाने में इससे जुड़ी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय के आदेश पर केस के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीआइडी को सौंपी गई थी।

इसके बाद आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के एसपी ऋषभ कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित की गई थी।

पर्यटन विभाग निगम लिमिटेड की आंतरिक विभागीय जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद ही धुर्वा थाने में एफआइआर हुआ था।

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