ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने फांसी घर मामले में अपनी दूसरी अंतरिम रिपोर्ट सोमवार को सदन में पेश की। समिति ने दो बार बैठकों में अनुपस्थित रहने और उचित स्पष्टीकरण न देने पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आप के चार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला का नाम शामिल है।
चारों पर विशेषाधिकार समिति की अवमानना का आरोप
समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत की ओर से सदन पटल पर रखी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इन चारों ने जानबूझकर 13 नवंबर 2025 और 20 नवंबर 2025 को आयोजित बैठकों में अनुपस्थित रहकर विशेषाधिकार समिति की अवमानना की है।
राजपूत ने सदन में कहा कि समिति की बैठक में केजरीवाल ने उचित व्यवहार नहीं किया। जिसके लिए उन्हें समिति के सामने माफी मांगनी पड़ी।
अनुपस्थिति का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके आप नेता
रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने पाया कि दो बार विशेषाधिकार समिति की बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद सदन के निर्देश पर चारों को एक और अवसर देते हुए 6 मार्च को बुलाया गया था।इसमें अरविंद केजरीवाल, राम निवास गोयल और राखी बिड़ला उपस्थित हुईं, लेकिन ये अपनी पूर्व अनुपस्थिति का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इन नेताओं ने अपनी अनुपस्थिति को लेकर यह तर्क दिया कि इस मामले में विधानसभा व उसकी समिति का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।
दिल्ली हाई कोर्ट में मामला लंबित होने का तर्क
यह भी तर्क दिया कि मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है। हालांकि, समिति ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय ने कोई अंतरिम आदेश या निर्देश जारी नहीं किया था। मनीष सिसोदिया इस बैठक में भी अनपस्थित रहे थे, लेकिन उन्होंने सूचना भेजी थी कि अचानक जाने के कारण वह नहीं आ सके।
इसके चलते समिति ने उनके विरुद्ध छह मार्च की अनुपस्थिति के लिए कोई अलग कार्रवाई न करने का निर्णय लिया। समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि सदन इन चारों नेताओं के विरुद्ध जैसा उचित समझे, उस तरह कार्रवाई करे। हालांकि इस मामले की जांच अभी जारी है।

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