श्योपुर में पहले राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी ने मंच पर मौजूद कराहल की महिला टीआई यास्मीन खान को खरी-खोटी सुनाई। फिर टीआई ने माइक अपने हाथ में लेते हुए नेता जी को हाथों-हाथ जवाब दे दिया।
हुआ यूं कि राज्य मंत्री सीताराम आदिवासी पनवाड़ा माता मेले में अव्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे थे। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेले में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कमी रही। कई श्रद्धालुओं को असुविधा हुई।
उन्होंने टीआई की ओर इशारा करते हुए कहा- फालतू नाटक नहीं करें। ऐसे टीआई कई चले गए। जातिवाद कर रहे हैं आप। जब से ये टीआई साहब आए हैं, तब से घटनाएं हो रही हैं। कई घटनाएं हो गई हैं।
इस पर टीआई यास्मीन खान ने भी मंच से ही कहा- मुझे लगता है कि यहां बैठे एक या दो लोगों को छोड़ दें तो हमसे किसी को कोई शिकायत नहीं रही होगी। अगर किसी को शिकायत है तो अपना हाथ ऊपर कर दें।
टीआई ने आगे कहा- हमारे स्टाफ ने सुबह से शाम तक, धूप में, भूखे रहकर ड्यूटी की है। लेकिन अपने पर्सनल हित के लिए, पर्सनल दुश्मनी के लिए पूरे स्टाफ और पूरे पुलिस प्रशासन को दोषी कहना कहीं से भी उचित नहीं है।
टीआई ने कहा कि अगर आप पर्सनल हित के लिए सीताराम आदिवासी के कान भरते हैं, तो ये चीज ठीक नहीं है। टीआई ने जो कहा, उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। अब लोग कह रहे हैं कि महिला पुलिस अधिकारी ने भरे मंच से नेता जी की फजीहत कर दी।
खरी बात ये है कि अपनी ही पार्टी में सम्मान को तरस रहे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी को भी ऐसी उम्मीद नहीं रही होगी। वे कई बार अपनी ही पार्टी में उपेक्षा और अधिकारियों की अनदेखी की शिकायत कर चुके हैं। ऐसे में ये वाकया उनके लिए किसी झटके से कम नहीं है।
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