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अंतरिक्ष में गूंजेगा भारत का नाम: 14 जुलाई को आठ महीने के महामिशन पर रवाना होंगे नासा के अनिल मेनन

 

भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अपने पहले अंतरिक्ष मिशन पर रवाना होंगे। नासा के इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत वह रूस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से कजाकिस्तान स्थित बैकोनूर प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरेंगे। उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी मिशन का हिस्सा होंगे। यह अभियान करीब आठ महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर संचालित होगा।


49 वर्षीय अनिल मेनन पेशे से आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ, अभियंता और अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल रह चुके हैं। नासा में चयन से पहले उन्होंने स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभाई थी। वर्ष 2021 में उन्हें नासा के अंतरिक्ष यात्री दल के लिए चुना गया था और यह उनकी पहली अंतरिक्ष उड़ान होगी।

मिशन के दौरान अनिल मेनन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फ्लाइट इंजीनियर की भूमिका निभाएंगे। वह सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण का मानव शरीर पर प्रभाव, नई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के परीक्षण तथा चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भविष्य के मानव अभियानों से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों में हिस्सा लेंगे। लगभग 240 दिनों तक चलने वाला यह मिशन भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अनिल मेनन की यह उपलब्धि दुनिया भर में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व का विषय है। उनका यह मिशन विज्ञान, अनुसंधान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारतवंशियों की बढ़ती भागीदारी और वैश्विक पहचान को भी नई ऊंचाई देगा।

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