पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने से कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई में कमी देखी जा रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कच्चे तेल और ईंधन से संबंधित किसी भी हालात से निपटने के लिए भारत अच्छी स्थिति में है। सरकार ने आम आदमी को वैकल्पिक विकल्प प्रदान करने के लिए केरोसिन उत्पादन में वृद्धि की है।
गोयल ने ‘CNBC-TV18 इंडिया बिजनेस लीडर्स अवॉर्ड्स 2026’ में कहा कि सरकार निर्यातकों को सपोर्ट करने के लिए अगले सप्ताह कुछ ठोस एजेंडा लेकर आने की योजना बना रही है। गोयल के मुताबिक, “कच्चे तेल और ईंधन के मामले में हमारी स्थिति काफी अच्छी है। हमारे पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। कच्चे तेल या ईंधन, पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन के मोर्चे पर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।”
उन्होंने कहा कि भारत ने केरोसिन का उत्पादन बढ़ा दिया है ताकि LPG की सप्लाई में किसी भी देरी की स्थिति में आम आदमी के लिए खाना पकाने का एक वैकल्पिक साधन उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही सरकार अलग-अलग स्रोतों से आयात के माध्यम से LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) और LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा कर रही है।
गोयल ने कहा, "जब गैस के ये शिपमेंट भारत आए, तो शिपिंग टाइम मुश्किल से 3 या 4 दिन था, ज्यादा से ज्यादा सात दिन।... अब हमें उन सोर्स पर डायवर्सिफाई करना होगा, जो भारत से काफी दूर हैं... कनाडा, US, और शायद रूस, हम कई दूसरे सोर्स देख रहे हैं, जो भारत की जरूरतों को पूरा करेंगे।"
हर बार चुनौती को मौके में बदलने में कामयाब रहा है भारत
मौजूदा भूराजनीतिक हालात को देश के लिए एक वेक-अप कॉल बताते हुए उन्होंने कहा कि जब भी भारत को कोई चुनौती मिली है, तो वह हमेशा उसे एक मौके में बदलने में कामयाब रहा है। मंत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि भारत एक बहुत ही मजबूत देश है, एक बहुत मजबूत अर्थव्यवस्था है जिसके फंडामेंटल्स अच्छे हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि भले ही एक जंग चल रही हो, मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं और यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह कब तक चलेगी, लेकिन मेरी अपनी समझ है कि भारत के लोग समझते हैं कि यह एक चुनौती है, जिसे हमें पार करना है।”
आगे कहा, “मेरी अपनी समझ है कि शॉर्ट टर्म में इकॉनमिक एक्टिविटी में कुछ कमी आएगी, लेकिन हम आने वाले महीनों में इसकी भरपाई कर लेंगे।” गोयल ने यह भी कहा कि हम कम से कम अगले दो दशकों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे।
गोयल ने यह भी कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने कुछ ऐसी स्कीम भी बनाई हैं, जिनसे इंश्योरेंस कवर बनाने में मदद मिलेगी। अगर कोई एक्सपोर्ट कार्गो रेड सी संकट, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रही दिक्कत या शिपिंग लाइन की दिक्कतों की वजह से डैमेज हो जाता है या खो जाता है या बहुत ज्यादा देर हो जाती है तो इंश्योरेंस कवर से मदद मिलेगी।
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रुपये में तेजी धीरे-धीरे वापस आने की उम्मीद
यह मानते हुए कि देश रुपये पर दबाव का सामना कर रहा है, उन्होंने कहा कि किसी को भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। रुपये में तेजी धीरे-धीरे वापस आने की उम्मीद है, शायद युद्ध खत्म होने के बाद। गोयल के मुताबिक, “हमने निश्चित रूप से देखा है कि किसी भी समय, जब कोई लड़ाई या युद्ध होता है तो निवेशक आमतौर पर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। उदाहरण के लिए, हमने सोने में बहुत सारा पैसा आते देखा है, और सोने और चांदी का इंपोर्ट तेजी से बढ़ा है।

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