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ग्रेनाइट खनन से जुड़े काराबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा Income Tax Department raids the premises of businessmen involved in granite mining

 

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के ग्रेनाइट खनन से जुड़े लगभग 18-20 कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर कानपुर आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को एक साथ छापा मारा। कार्रवाई की जद में पूर्व विधायक, बसपा नेता और अन्य नामचीन व्यापारी भी शामिल हैं। टीमें देर शाम तक कारोबारियों के घर और कार्यालयों में दस्तावेजों को खंगालती रहीं। मामला करोड़ों रुपये की कर चोरी और अवैध संपत्ति से जुड़ा बताया जा रहा है।



आयकर विभाग की एक टीम ने सुबह करीब आठ बजे डीजी ग्रुप के संचालक, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के बरौली गांव निवासी बसपा नेता दिलीप गुप्ता के बांदा स्थित घर पर छापा मारा। दिलीप गुप्ता 2019 में बसपा से हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट से प्रत्याशी भी रह चुके हैं। इनका ग्रेनाइट खनन और मेडिकल का कारोबार प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश और बिहार तक फैला हुआ है। टीम ने उनके घर पर लगभग आठ घंटे तक दस्तावेजों की जांच की और कर्मचारियों से पूछताछ की।


इसी क्रम में आयकर विभाग की एक अन्य टीम ने ग्रेनाइट कारोबारी व पूर्व भाजपा विधायक युवराज सिंह और सीरजध्वज सिंह के आवासों पर भी छापा मारा। इन दोनों के छोटी बाजार स्थित आवास और चौधरी ऑटो मोबाइल एजेंसी पर भी कर चोरी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई और पूछताछ की गई।

अज्ञात गुप्ता और शिवशरण सिंह के ठिकानों पर भी खंगाले दस्तावेज

तीसरी टीम ने ग्रेनाइट खनन और रियल एस्टेट (मकानों की प्लॉटिंग) से जुड़े आवास विकास कॉलोनी स्थित अज्ञात गुप्ता के मकान और अवधि परिधि अस्पताल में छानबीन की। यहां भी टीम ने लगभग आठ घंटे तक दस्तावेजों की पड़ताल की और डॉक्टरों व कर्मचारियों से पूछताछ की। चौथी टीम ने आवास विकास स्थित ग्रेनाइट खनन कारोबारी शिवशरण सिंह के आवास पर भी दबिश दी। अधिकारियों को देख महिलाओं द्वारा दरवाजा न खोले जाने पर महिला पुलिस की मदद ली गई। आयकर विभाग की टीमों ने इन कारोबारियों के महोबा, हमीरपुर और कबरई में स्थित स्टोन क्रेशरों पर भी छापा मारा।

लाखों की कर चोरी का आरोप

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन कारोबारियों पर लाखों रुपये की कर चोरी का आरोप है जिसके चलते छापा मारा गया है। उन्होंने बताया कि सभी कारोबारियों की पूरी रिपोर्ट और नक्शा विभाग के पास उपलब्ध है। इस कार्रवाई के बाद कर चोरी में शामिल अन्य ग्रेनाइट कारोबारियों पर भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है। वह भी विभाग के रडार पर हैं। खबर लिखे जाने तक चिह्नित कारोबारियों के यहां विभाग की कार्रवाई जारी है।

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