ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में काफी गंभीर स्थिति चल रही है। पिछले 23 दिन से चल रहे इस युद्ध का आज 24वां दिन है। दोनों पक्ष ही सीज़फायर के लिए तैयार नहीं हैं। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं, तो ईरान की तरफ से भी इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए जा रहे हैं। इस युद्ध की वजह से दुनियाभर में गंभीर ऊर्जा संकट भी पैदा हो गया है।
दुनियाभर में पैदा हो सकता है दशकों का सबसे गंभीर ऊर्जा संकट
युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी - आईईए के चीफ फातिह बिरोल ने एक बड़ी चेतावनी दी है। बिरोल ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस युद्ध के कारण दुनिया को दशकों में सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। बिरोल ने इस युद्ध को इतिहास की सबसे बड़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा चुनौती बताया है।
ऊर्जा ढांचों पर किए जा रहे हैं हमले
अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान के ऊर्जा ढांचों पर हमले किए जा रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों के ऊर्जा ढांचों पर ड्रोन्स और मिसाइलें दाग रहा है। इससे मिडिल ईस्ट में ऊर्जा सुविधाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। मिडिल ईस्ट में तेल और गैस के उत्पादन और सप्लाई में इस युद्ध की वजह से भारी गिरावट आई है। कई देशों से तेल-गैस निर्यात रुक गया है। तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट पर पाबंदियों की वजह से कई देशों के तेल-गैस से लदे जहाज़ों को इस रास्ते से गुज़रने नहीं दिया जा रहा है।

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