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एपस्टीन मामले में हरदीप पुरी की बेटी का नाम घसीटने पर हाई कोर्ट की रोक, कंटेंट को ब्लॉक करने का दिया आदेश…High Court Stays Dragging of Hardeep Puri's Daughter's Name into Epstein Case; Orders Blocking of Content

 

हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन के नाम से जोड़कर बदनाम करने वाले कंटेंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। हालांकि अभी ये आदेश वैश्विक स्तर पर जारी नहीं हुए हैं। दरअसल, हिमायनी पुरी ने जेफरी एपस्टीन के साथ जोड़ने वाले पोस्ट को झूठी और मनगढ़ंत जानकारी फैलाने वाले बताते हुए याचिका दायर की थी, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने पूरी तरह गलत माना और हटाने का आदेश दिया।


हिमायनी पुरी ने की 10 करोड़ की मांग

हिमायनी पुरी ने अदालत में केस दर्ज कर 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि उनके खिलाफ झूठी और अपमानजनक बातें फैलाने वाली संस्थाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मिनी पुष्कर्ना कर रही हैं। हिमायनी पुरी के वकील महेश जेठमलानी ने दलील दी कि सोशल मीडिया पर उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने 'जॉन डो' आदेश की भी मांग की है, ताकि उन अज्ञात लोगों पर भी कार्रवाई हो सके जिनकी पहचान अभी गुप्त है।

पुरी के पेश वकील ने क्या कहा

वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कोर्ट में तर्क दिया कि हिमायनी पुरी के खिलाफ किए जा रहे ये अपमानजनक पोस्ट किसी बड़ी साजिश और राजनीतिक दुश्मनी का हिस्सा हैं। उन्होंने साफ किया कि पुरी की पुरानी कंपनी को जेफरी एपस्टीन से पैसा मिलने के दावे पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत हैं। जेठमलानी का कहना है कि ये आरोप जानबूझकर उनके चरित्र और पेशेवर साख को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए हैं, जो पूरी तरह से मानहानि का मामला है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैला रहे झूठी और गलत सामग्री

याचिका के मुताबिक,22 फरवरी 2026 के बाद से सोशल मीडिया (जैसे एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन) और कई न्यूज पोर्टल्स पर जानबूझकर झूठी और अपमानजनक जानकारी फैलाई जा रही है। इन प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो, आर्टिकल और पोस्ट के जरिए हिमायनी पुरी की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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