सम्पादकीय
अचानक खबर आई कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ पर डील हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद व्यापार समझौता हो गया। ट्रंप के अनुसार, “प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते और उनके अनुरोध पर, हमने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते पर तत्काल सहमति व्यक्त की है। इसके तहत अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 25 प्रतिशत से 18 प्रतिशत कर देगा।” बाद में ह्वाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि भारत से आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ की जगह सिर्फ 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण ट्रंप ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था।
डील पर दोनों देशों के बीच करीब 10 महीने से बात चल रही थी और किसी भी समय इसे अंतिम रूप दिए जाने के संकेत मिल रहे थे। मौजूदा वित्त वर्ष में यह इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूरोपियन यूनियन के बाद पांचवां द्विपक्षीय व्यापार समझौता है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। एचडीएफसी बैंक का आकलन है कि इस डील से भारत की विकास दर अगले वित्त वर्ष में 20-30 आधार अंक बढ़ सकती है। वर्ष 2026-27 के लिए इसका पिछला अनुमान 6.9 प्रतिशत का था।
ट्रंप और मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
भारत की तरफ से समझौते के प्रारूप को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिर्फ इतना कहा कि समझौते पर दोनों देश जल्दी साझा बयान जारी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इतना ही कहा कि समझौते से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।लेकिन ट्रंप ने कुछ संकेत जरूर दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका तथा वेनेजुएला से खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। टैरिफ घटाने के बदले भारत, अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं खत्म करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी ने “बाय अमेरिकन” के तहत अमेरिकी उत्पादों की अधिक खरीद का वचन दिया है, जिसमें 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की अमेरिकी ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि उत्पाद, कोयला और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। टैरिफ के बावजूद अमेरिका, भारत के लिए सबसे बड़ा वस्तु निर्यात बाजार बना हुआ है। वर्ष 2025 के पहले 11 महीने में भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 21 प्रतिशत अमेरिका को हुआ है।
ट्रंप के अनुसार, “हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का विषय भी शामिल था। उन्होंने रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से, तथा संभावित रूप से वेनेजुएला से, अधिक तेल खरीदने पर सहमति जताई है। इससे यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर सप्ताह हजारों लोग मारे जा रहे हैं।” इस युद्ध के चार साल पूरे होने वाले हैं और इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) का आकलन है कि इसमें मरने वालों की संख्या जल्दी ही 20 लाख तक पहुंच जाएगी।

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