प्रदेश की राजनीति में पॉलिटिकल पावर सेंटर के रूप में ग्वालियर चंबल में नेताओं की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है। सिंधिया बनाम तोमर गुट प्रदेश में सबसे चर्चित है और आए दिन सूबे की राजनीति में चर्चाएं भी रहती हैं।अब ग्वालियर रेलवे स्टेशन का मसला राजनीति का केंद्र बन रहा है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी माने जाने वाले सांसद ग्वालियर भारत सिंह कुशवाह ने संसद में ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए जाने का अनुरोध किया है। वे इससे पहले भी यह मांग उठा चुके हैं और सार्वजनिक तौर पर मांग कर चुके हैं।
सिंधिया और तोमर समर्थकों के बीच खींचतान
उधर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया, ज्योतिरादित्य के पिता के नाम पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम हो, ऐसी सीधी मांग तो नहीं उठाई लेकिन सिंधिया समर्थक इसको लेकर मांग करते आ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष गुट कार्यक्रमों में भी मंच साझा नहीं करते हैं, हाल ही में प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में लाडली बहना के राज्य स्तरीय सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष और सांसद ग्वालियर शामिल नहीं हुए। उन्हें बुलाया गया था। इसके अलावा सिंधिया व सांसद के बीच पत्रों की होड़ भी खूब चर्चा में रह चुकी है।
श्रेय की राजनीति और पार्टी के भीतर दो धड़े
बता दें कि ग्वालियर चंबल अंचल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर यहां की राजनीति के दो धड़े हैं, पार्टी भले ही एक हो लेकिन आपस में एक नहीं हैं। सामाजिक-राजनीतिक आयोजनों में यह स्पष्ट दिखता है। इससे पहले सड़क परियोजनाएं हों या ग्वालियर के विकास कार्य, स्वीकृति को लेकर आभार के संबंध में पत्र भी बहुप्रसारित हुए, जिसमें श्रेय की राजनीति गरमा गई थी।
संसद में उठी अटलजी के नाम की मांग
ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने संसद में ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखे जाने की मांग करते हुए सदन में मुद्दा उठाया। सांसद ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की कि ग्वालियर का भव्य रेलवे स्टेशन 500 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। ग्वालियर की जनता की भावना है कि इसे पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न पं. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जाना जाए।

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