उत्तर प्रदेश में कोरोना काल के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन के मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है।
कोर्ट ने क्या कहा?कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गंभीर आपराधिक मामला नहीं है, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। यूपी सरकार की ओर से 72 अर्जियां दायर की गई थीं, जिनमें जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोरोना काल में दर्ज केसों को वापस लेने की अनुमति मांगी गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 28 मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी। वहीं, गंभीर अपराधों से जुड़े बाकी मामलों का अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया, इन मामलों की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।
इन जनप्रतिनिधियों को मिली राहत1. उमा भारती – महोबा2. डॉ. संजीव बालियान – मुजफ्फरनगर3. सुरेश राणा4. ठाकुर जयवीर सिंह – अलीगढ़5. नीलम सोनकर – आजमगढ़6. अनिल सिंह – उन्नाव7. अशरफ अली खान – शामली8. सीमा द्विवेदी – जौनपुर9. अभिजीत सांगा – कानपुर नगर10. विजेंद्र सिंह – बुलंदशहर11. विवेकानंद पांडेय – कुशीनगर12. मीनाक्षी सिंह – बुलंदशहर13. जय मंगल कनौजिया – महराजगंज14. राजपाल बालियान – मुजफ्फरनगर15. प्रदीप चौधरी – हाथरस16. प्रसन्न चौधरी – शामली17. उमेश मलिक18. सुरेश राणा19. कुमार भारतेंदु20. वेदप्रकाश गुप्ता

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