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आतंकियों ने गुफा को बनाया ढाल, जवानों ने जिंदा जलाया; सेना ने ऐसे दिया ऑपरेशन काया को अंजामTerrorists used the cave as a shield, but the soldiers burned them alive; this is how the army carried out Operation Kaya.

 

घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और संकरी प्राकृतिक गुफा का सहारा लेकर आतंकी लंबे समय से सुरक्षाबल को चकमा दे रहे थे। बसंतगढ़ क्षेत्र के जंगलों में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने इस बार भी एक गुफा को अपनी ढाल बनाया, लेकिन वही गुफा उनकी आखिरी पनाह और अंत में उनकी कब्र बन गई। सुरक्षाबल की कार्रवाई महज मुठभेड़ नहीं, बल्कि जवानों के बलिदान का लिया निर्णायक बदला थी।


इस कार्रवाई सुरक्षाबल की आतंकियों के खिलाफ रणनीति और संकल्प और मजबूत हुआ। बसंतगढ़ के जंगलों में चलाया गया ऑपरेशन उसी संकल्प का परिणाम था, जिसमें हर कदम बेहद सोच-समझकर उठाया। गुफा में घिरे आतंकियों को यह अहसास दिला दिया गया कि जवानों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाती।

हर बार की तरह आतंकियों ने सुरक्षाबलों से खुलकर भिड़ने के बजाय छिपने और अंधेरा का फायदा उठाया। मुठभेड़ के बाद वह तेजी से गुफा के भीतर सिमट गए। संकरी मुहाने वाली गुफा उन्हें सुरक्षित ठिकाना लगी, जहां से वे फायरिंग करते हुए अंधेरे और ऊंचाई का फायदा उठा कर भाग निकलना चाहते थे। आतंकियों का यह भरोसा ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सका।

ड्रोन के जरिए की आतंकियों की खोज

सुरक्षाबल ने ड्रोन को आसमान में उतार दिया। ऊपर से मिलने वाली लाइव फीड ने गुफा के भीतर की हर हलचल को उजागर कर दिया। सुरक्षबल को देख पा रहे थे आतंकी कहां छिपे हैं और किस तरह गुफा के अंदर सिमटे हुए हैं। शाम ढलते ही आतंकियों ने रात साढ़े सात बजे अंधेरे का फायदा उठाकर गुफा से बाहर निकल कर भागने की कोशिश की। उनका अंदाजा था कि रात में सुरक्षाबल की निगरानी ढीली पड़ेगी और वह हर बार की तरह चकमा देकर भाग निकलेंगे।

इस बार आतंकियों को किसी हाल में भागने न देने के इरादे से पूरी तरह मुस्तैद सुरक्षा बलों ने हलचल होने पर फायरिंग कर आतंकियों को दोबारा गुफा में घुसने पर मजबूर कर दिया। उनके भाग निकलने के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सुरक्षा बलों ने जल्दबाजी नहीं दिखाई। पूरी रात गुफा को घेरे रखा गया। ड्रोन ऊपर मंडराता रहा और हर गतिविधि पर नजर रखी जाती रही। बीच-बीच में गोलीबारी होती रही।

विस्फोट के साथ गुफा को उड़ाया

रात भर आतंकियों को गुफा में घेरे रखने के बाद बुधवार सुबह सुरक्षा बलों को सुबह होने पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। आतंकियों के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। ऐसे में सुरक्षाबल ने निर्णायक और अंतिम कार्रवाई का फैसला किया। सुरक्षाबल ने नियंत्रित और सटीक कार्रवाई करते हुए विस्फोट के साथ गुफा को उड़ा दिया जिसे आतंकियों ने अपनी सबसे सुरक्षित पनाह समझा वह दोनों आतंकियों की कब्र में तबदील हो चुकी थी।

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