सवाल-क्या राजस्थान की एसीबी केंद्र में नियुक्त आईएएस सुधांश पंत के खिलाफ कोई कार्यवाही कर पाएगी
करीब एक हजार करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में भले ही राजस्थान की एसीबी पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की सरगर्मी से तलाश कर रही हो, लेकिन सुबोध अग्रवाल की ओर से अब राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच में याचिका प्रस्तुत कर दी गई है। इस याचिका में एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। अग्रवाल ने अपनी याचिका में कहा है कि जेजेएम में जिन स्वीकृतियों को लेकर विवाद है, उनमें से 90 प्रतिशत स्वीकृतियां तब जारी की गई, जब जलदाय विभाग की कमान अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत के पास थी। सुधांश पंत के रहते हुए ही जल जीवन मिशन के कार्यों के आदेश संबंधित ठेकेदारों को दिए गए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल ने फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर जो टेंडर प्राप्त किए वे जलदाय विभाग में उनकी नियुक्ति से पहले के हैं। वे जब जलदाय विभाग के प्रमुख बने तब उन्होंने दोनों फार्मों के टेंडर निरस्त किए और फर्जों को ब्लैकलिस्ट किया। एसीबी की जांच पर सवाल उठाते हुए सुबोध अग्रवाल की ओर से कहा गया है कि एसीबी ने विशाल सक्सेना के बयान के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया है, जबकि विशाल सक्सेना के खिलाफ अग्रवाल ने ही एफआईआर दर्ज करवाई थी। सुबोध अग्रवाल की याचिका में उठाए गए मुद्दों के बाद बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ आ गया है। अग्रवाल ने हाईकोर्ट के समक्ष जो तथ्य रखे हैं उसके बाद सवाल उठता है कि क्या एसीबी केंद्र में नियुक्त आईएएस सुधांश पंत के खिलाफ कोई जांच करेगी? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सुधांश पंत इन दिनों केंद्र सरकार में एक मजबूत आईएएस माने जाते हैं।
राजस्थान में दो वर्ष पहले भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने पर सुधांश पंत को मुख्य सचिव बनाया गया था, लेकिन फिर अचानक सुधांश पंत को पुन: प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुला लिया गया। मौजूदा समय में पंत केंद्र सरकार में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव हैं। देखना होगा कि सुबोध अग्रवाल ने जो याचिका प्रस्तुत की है उस पर हाईकोर्ट क्या निर्णय देती है। इस बीच सुबोध अग्रवाल विदेश न भाग सके, इसके लिए एसीबी ने लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया है। मालूम हो कि इस घोटाले में पूर्व में कांग्रेस सरकार में जलदाय मंत्री रहे महेश जोशी की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में एसीबी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए अनेक इंजीनियरों को गिरफ्तार भी किया है।
Post a Comment