ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन (Amazon) हजारों और कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी अगले हफ्ते से ही छंटनी शुरू करने की योजना बना रही है। यह छंटनी कॉरपोरेट वर्कफोर्स को प्रभावित करेगी, जिसमें लगभग 350,000 कर्मचारी हैं। यह 30000 कॉरपोरेट वर्कर्स को कम करने की प्लानिंग का हिस्सा है।
रॉयटर्स के मुताबिक, एमेजॉन वेब सर्विसेज, रिटेल, प्राइम वीडियो और ह्यूमन रिसोर्सेज यूनिट्स में नौकरियों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि इसका पूरा दायरा अभी साफ नहीं है। Amazon की योजनाओं की डिटेल बदल सकती हैं।
कुछ महीनों पहले कंपनी ने 14,000 पदों को खत्म करने की घोषणा की थी। उस समय, Amazon ने संकेत दिया था कि 2026 में और भी छंटनी हो सकती है। कंपनी का कहना है कि यह छंटनी उसे अधिक चुस्त और कम लालफीताशाही वाला संगठन बनाएगी। ऐसा कंपनी की लागत घटाने और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) को बढ़ावा देने की नीति के तहत किया जा रहा है। इस ग्लोबल छंटनी की आंच भारत में कर्मचारियों तक भी आ रही है।
सितंबर के आखिर तक थे 15.7 लाख लोग
रिपोर्ट के मुताबिक, एमेजॉन में मैनेजर्स को अक्टूबर में छंटनी करने या नए साल तक इंतजार करने का विकल्प दिया गया था। कंपनी में 30 सितंबर 2025 तक लगभग 15.7 लाख लोग काम कर रहे थे। लेकिन उनमें से ज्यादातर वेयरहाउस में काम करते हैं। इससे पहले एमेजॉन ने 2022 के आखिर और 2023 की शुरुआत में लगभग 27,000 लोगों की छंटनी की थी।
पूरी टेक इंडस्ट्री में चल रही है छंटनी
छंटनी की तलवार सिर्फ एमेजॉन में ही नहीं चली है बल्कि पूरे टेक सेक्टर में हालात ऐसे ही हैं। कंपनियां एक तरफ AI पदों के लिए नियुक्तियां कर रही हैं तो दूसरी तरफ सामान्य इंजीनियरों की छंटनी कर रही हैं। एमेजॉन की बात करें तो यह AI, क्लाउड में हायरिंग कर रही है और रणनीतिक दांव लगा रही है।

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