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मां सरस्वती को भोग में चढ़ाएं ये खास भोगOffer these special offerings to Goddess Saraswati.

 

बसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) के दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र, फूल और मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाता है।

अगर आप इस बसंत पंचमी पर मां को कुछ खास और शुद्ध भोग अर्पित करना चाहते हैं, तो घर पर ही सॉफ्ट और स्पंजी राजभोग बनाकर प्रसाद के रूप में चढ़ा सकते हैं। केसर की खुशबू और रस से भरा यह पारंपरिक बंगाली मिठाई मां सरस्वती को विशेष रूप से प्रिय मानी जाती है।


राजभोग बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

घर पर बाजार जैसा स्वाद पाने के लिए इन सामग्री की जरूरत होगी-

फुल क्रीम दूध - 1.5 से 2 लीटर

नींबू का रस या सिरका - 2-3 बड़े चम्मच

चीनी - 2 कप

पानी - 3-4 कप

मैदा या अरारोट - 1 छोटा चम्मच

केसर के धागे - 10-12 (पानी में भिगोए हुए)

इलायची पाउडर - आधा छोटा चम्मच

कटे हुए बादाम और पिस्ता - स्टफिंग के लिए

राजभोग बनाने की आसान विधि

स्टेप 1 - छेना तैयार करें

दूध को उबालें और गैस बंद कर 2 मिनट ठंडा होने दें। अब इसमें नींबू का रस डालकर दूध फाड़ लें। छेना अलग होने पर मलमल के कपड़े से छान लें और ठंडे पानी से धो दें, ताकि खट्टापन निकल जाए।

स्टेप 2 - छेने को चिकना बनाएं

छेने का पानी पूरी तरह निचोड़ लें। इसे थाली में निकालकर हथेली से तब तक मसलें, जब तक यह एकदम स्मूद न हो जाए। अब इसमें मैदा, इलायची पाउडर और भीगा हुआ केसर मिलाकर अच्छे से गूंध लें।

स्टेप 3 - राजभोग की बॉल्स बनाएं

छेने के मिश्रण की बराबर लोइयां बनाएं। बीच में कटे हुए मेवे भरें और हल्के हाथ से गोल आकार दें। ध्यान रखें कि बॉल्स में दरार न हो।

स्टेप 4 - चाशनी बनाएं

कड़ाही में चीनी और पानी उबालें। चीनी घुल जाने पर केसर वाला पानी डालें। अब उबलती चाशनी में राजभोग की बॉल्स डाल दें।

स्टेप 5 - पकाएं

ढक्कन लगाकर तेज आंच पर 10–15 मिनट पकाएं। इस दौरान राजभोग फूलकर दोगुने हो जाएंगे। जरूरत हो तो थोड़ा गर्म पानी डाल सकते हैं।

स्टेप 6 - ठंडा होने दें

गैस बंद कर दें और राजभोग को चाशनी में ही 4–5 घंटे के लिए छोड़ दें, ताकि वे पूरी मिठास और खुशबू सोख लें।

भोग में अर्पित करने का महत्व

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को केसरयुक्त और पीले रंग के भोग अर्पित करने से विद्या, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। घर पर शुद्ध मन और श्रद्धा से बना राजभोग पूजा के लिए विशेष फलदायी माना

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