मैनिंजाइटिस दिमाग और रीढ़ की हड्डी (Spine) को ढकने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियां हैं जिन्हें मेंनिंजेस कहा जाता है, में होने वाली सूजन है. आसान शब्दों में कहें तो यह दिमाग की बाहरी परत का इन्फेक्शन या सूजन है जिसे समय रहते ठीक ना किया जाए तो दिक्कत गंभीर हो सकती है. इस सूजन के होने की वजह वायरस, बैक्टीरिया या अन्य सूक्ष्मजीवों में संक्रमण हो सकता है. यहां जानिए मैनिंजाइटिस होने का पहला लक्षण क्या है और मैनिंजाइटिस होने पर शरीर कौन-कौन से संकेत देता है.
मैनिंजाइटिस का पहला लक्षण क्या है?
तेज बुखार – मैनिंजाइटिस का पहला लक्षण है तेज बुखार आना. मैनिंजाइटिस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लु की तरह नजर आ सकते हैं.
गर्दन में अकड़न– अपनी ठुड्डी को छाती से लगाने में बहुत कठिनाई या दर्द होना.
सिरदर्द– मैनिंजाइटिस का दर्द सामान्य सिरदर्द से बहुत अलग और बहुत तेज होता है.
जी मिचलाना और उल्टी– बुखार और सिरदर्द के साथ अक्सर उल्टी महसूस होती है.
रोशनी से परेशानी – तेज रोशनी में आंखों में दर्द होना या उसे सहन न कर पाना मैनिंजाइटिस का लक्षण हो सकता है.
मानसिक भ्रम– किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या उलझन महसूस होना.
शरीर पर चकत्ते बढ़ना है बड़ा लक्षण
मैनिंजाइटिस का एक बड़ा लक्षण है कि कई मामलों में शरीर पर लाल या बैंगनी रंग के चकत्ते नजर आने लगते हैं. अगल कांच के गिलास को इन चकत्तों पर दबाया जाए तो ये चकत्ते गायब नहीं होते हैं.
मैनिंजाइटिस होने के क्या कारण है
बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस सबसे खतरनाक प्रकार का मैनिंजाइटिस है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है.
वायरल मैंजिनाइटिस बैक्टीरियल से कम गंभीर है. यह आम प्रकार का मैनिंजाइटिस है.
फंगल और अन्य कारणों से भी मैनिंजाइटिस हो सकता है. यह कमजोर इम्यूनिटी के कारण होता है.
मैनिंजाइटिस होने पर क्या होता है
व्यक्ति के सुनने की शक्ति जा सकता है. याद्दाश्त कम हो सकती है और व्यक्ति को सीखने में कठिनाई हो सकती है. इसके अलावा, मैनिंजाइटिस मस्तिष्क को क्षति पहुंचाता है. इस बीमारी में गुर्दे फेल हो सकते हैं.

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