बहुत देर तक चलने पर या पैरों की जरूरत से ज्यादा कभी कसरत हो जाए तो पैरों में सूजन नजर आने लगती है. इसके अलावा बढ़ती उम्र में भी पैर अक्सर सूज जाते हैं. लेकिन, पैरों की सूजन किसी गंभीर बीमारी का भी लक्षण हो सकती है. किडनी से लेकर लिवर की दिक्कतों तक में पैरों में सूजन नजर आ सकती है. ऐसे में यहां जानिए पैरों में सूजन होना किस बीमारी का लक्षण होता है और इन बीमारियों को वक्त रहते किस तरह पहचाना जा सकता है.
पैरों में सूजन आना कौन सी बीमारी के लक्षण हैं?
किडनी की बीमारी – जब किडनी सही तरह से काम नहीं करती तो शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी बाहर नहीं निकाल पाती. ऐसे में पैरों और टखनों में सूजन आ जाती है. इसके साथ ही आंखों के नीचे सूजन आती है, थकान होने लगती है और पेशाब में कमी आती है सो अलग.
दिल कमजोर होने पर खून को सही तरह से पंप नहीं कर पाता है. इससे खून नसों में वापस जमा होने लगता है और कई बार टखने और पांव इस वजह से सूजे हुए नजर आने लगते हैं.
लिवर की बीमारी – लिवर में समस्या (Liver Disease) होने पर एल्बूमिन प्रोटीन का स्तर कम हो जाता है, जो खून को नसों के अंदर रखने में मदद करता है. इसकी कमी से तरल पदार्थ बाहर निकलकर पैरों के ऊतकों में जमा हो जाता है और पैर सूजे हुए नजर आते हैं.
नसों की समस्या – पैरों की नसों के वॉल्व कमजोर होने पर खून नीचे से वापस दिल तक नहीं पहुंच पाता और पैरों में ही जमा होने लगता है.
खून का थक्का – अगर पैर की किसी गहरी नस में खून का थक्का जम जाए, तो खून का बहाव रुक जाता है.
डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है
अगर पैरों की सूजन के साथ ही कोई और लक्षण नजर आए तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.
पैरों में सूजन के साथ ही अगर सीने में दर्द होने लगे.
सांस लेने में दिक्कत होना.
पैर में सूजन होने के साथ ही सूजन वाला हिस्सा लाल दिखना या गर्म रहना.
अगर सूजन वाली जगह पर गड्ढा बन रहा है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं.

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