छोटी खाटू (डीडवाना)। मर्यादा महोत्सव के अवसर पर आचार्य महाश्रमण से आशीर्वाद लेने पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हिंसा केवल हथियार से मारना या किसी को पीटना ही नहीं होती, बल्कि किसी का दिल दुखाना या तोड़ना भी हिंसा है। राजनीति में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है, जहां दिल भी दुखाए जाते हैं और तोड़े भी जाते हैं।
किसी का मन आहत नहीं करना चाहिए
वसुंधरा राजे ने कहा कि उनकी माता राजमाता विजया राजे सिंधिया ने सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत नहीं करना चाहिए और वे उसी मार्ग पर चलने का प्रयास कर रही हैं।
किसी का अधिकार छीनना अधर्म
वसुंधरा राजे ने कहा कि किसी के साथ अन्याय करना और उसका अधिकार छीनना अधर्म है। यदि व्यक्ति समय निकालकर भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां आए ही नहीं।
जीवन को संतुलन प्रदान करती है आध्यात्मिकता
वसुंधरा राजे ने कहा कि आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय की कमी हो गई है। यदि व्यक्ति थोड़ा समय निकालकर भगवान का स्मरण करे, आत्मचिंतन करे, तो जीवन में आने वाली कई कठिनाइयां अपने आप दूर हो सकती हैं। आध्यात्मिकता जीवन को संतुलन प्रदान करती है।

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