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निर्वाचन आयोग लगातार दबाव का सामना कर रहा है, उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करने की जरूरत: खरगेThe Election Commission is constantly facing pressure; its independence needs to be protected: Kharge

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा है और इसलिए उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करना ‘‘हमारी जिम्मेदारी'' है ताकि लोकतंत्र न केवल बना रहे बल्कि वास्तव में फले-फूले। उन्होंने कहा कि ‘‘वोट चोरी'' और मतदाता सूचियों के अनियोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से ‘‘मतदान के अधिकार'' को छीनना भारत के लंबे समय से पोषित लोकतंत्र को कलंकित करता है।राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ‘एक्स' पर एक पोस्ट में खरगे ने कहा कि यह दिन याद दिलाता है कि एक राष्ट्र का भविष्य उसके लोगों के पास है और हमारी सामूहिक आवाज हमारे साझा भाग्य को आकार दे सकती है


। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भारत की जनता स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनावों की हकदार है, जहां स्वच्छ मतदाता सूची और समान अवसर प्राथमिक आवश्यकता है।'' खरगे ने कहा, ‘‘वोट चोरी और मतदाता सूचियों के अनियोजित एसआईआर के माध्यम से मतदान के अधिकार को छीनना भारत के लंबे समय से पोषित लोकतंत्र को कलंकित करता है।''उन्होंने कहा, ‘‘हाल के दिनों में भारत निर्वाचन आयोग जैसे हमारे संस्थानों को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा है। इसलिए उनकी स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करना हमारा परम दायित्व है, ताकि लोकतंत्र न केवल बना रहे, बल्कि वास्तव में फले-फूले।'' भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। पिछले 16 वर्षों से इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

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