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बलूचिस्तान में चीन का खतरनाक मिलिट्री प्लान! बलूच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, मांगी मदद China's dangerous military plan in Balochistan! Baloch leader writes open letter to India, seeks help.

बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। नए साल के मौके पर लिखे गए इस पत्र को मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है। मीर यार ने पत्र में भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों और साझा विरासत का भी जिक्र किया है और भारत से बड़ी मदद की अपील की है। उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस पारस्परिक सहयोग का आग्रह किया है और इसके साथ ही बलूचिस्तान को लेकर चीन की खतरनाक सैन्य योजना के बारे में आगाह भी किया है।



पत्र की शुरुआत 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के छह करोड़ देश नागरिकों' की ओर से भारत के एक सौ चालीस करोड़ लोगों को नए साल 2026 की 'हार्दिक और सच्ची बधाई' के साथ की गई है। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।उन्होंने आगे कहा कि बलूचिस्तान के लोगों ने पिछले 69 साल से पाकिस्तान के कब्जे, प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकारों के अत्याचारों को सहा है। अब समय आ गया है कि इस नासूर बीमारी को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि हमारे राष्ट्र के लिए स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।

भारत से सहयोग की मांग

नई दिल्ली से पारस्परिक सहयोग की मांग करते हुए बलूच नेता ने कहा, भारत और बलूचिस्तान के सामने खतरे वास्तविक हैं। इसलिए हमारे द्विपक्षीय संबंध भी उतने ही ठोस और कार्रवाई योग्य होने चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के रणनीतिक गठबंधन को खतरनाक बताया और चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।चीन के खतरनाक प्लान का खुलासा

मीर यार बलूच ने कहा कि अगर बलूचिस्तान की डिफेंस और आजादी समर्थक बलों की क्षमताओं को और मजबूत नहीं किया गया और उन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाता रहा तो संभव है कि चीन कुछ ही महीनों में बलूचिस्तान में अपनी सैन्य टुकड़ियों को तैनात कर दे। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ बलूच लोगों की इच्छा के बिना बलूचिस्तान की धरती पर चीनी सैनिकों की उपस्थिति, भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए एक अकल्पनीय खतरा और चुनौती होगी। पत्र के आखिर में उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच सहयोग की उम्मीद जताई।

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