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सावधान! कहीं शरीर के इन हिस्सों में दर्द हो सकता है खतरे का संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाजCaution! Pain in these parts of the body could be a sign of danger; do not ignore it under any circumstances.

 

किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में गिनी जाती है। यह आकार में लगभग मुट्ठी जितनी होती है और रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर, पसलियों के नीचे स्थित रहती है। किडनी का मुख्य काम खून को साफ करना और शरीर से गंदगी व अतिरिक्त पानी को यूरिन के जरिए बाहर निकालना है। इसके अलावा किडनी शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हड्डियों व रेड ब्लड सेल्स के लिए जरूरी हार्मोन बनाने का भी काम करती है।किडनी की बीमारी क्यों कहलाती है 


साइलेंट किलरमानवता अस्पताल, नासिक के कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. मोहन पटेल के अनुसार, किडनी से जुड़ी बीमारियों को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि शुरुआती चरण में किडनी खराब होने पर आमतौर पर कोई दर्द या स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने के सबसे बड़े कारण माने जाते हैं। बिना जांच के बीमारी का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।नियमित जांच क्यों है जरूरीडॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज या हाई बीपी की समस्या है, उन्हें नियमित रूप से ब्लड और यूरिन टेस्ट जरूर कराना चाहिए, भले ही वे खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे हों। हालांकि, कुछ किडनी समस्याएं ऐसी होती हैं जिनमें दर्द महसूस हो सकता है,

 जैसे किडनी स्टोन, इंफेक्शन या ट्यूमर। खास बात यह है कि हर बार दर्द किडनी की जगह पर ही हो, यह जरूरी नहीं है।किडनी का दर्द कहां-कहां महसूस हो सकता हैकई मामलों में किडनी से जुड़ा दर्द शरीर के अन्य हिस्सों में महसूस होता है, जिसे मेडिकल भाषा में “रिफर्ड पेन” कहा जाता है। जब किडनी स्टोन या ट्यूमर के कारण यूरेटर में रुकावट आती है, तो तेज दर्द पीठ से शुरू होकर पेट के निचले हिस्से, जांघ या प्राइवेट पार्ट तक फैल सकता है। इस तरह के दर्द को यूरेट्रिक कॉलिक कहा जाता है।इन लक्षणों को नजरअंदाज न करेंकिडनी से जुड़ा दर्द अक्सर पीठ के निचले हिस्से में होता है, जिसे लोग सामान्य मांसपेशियों का दर्द समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर दर्द गहराई से हो, लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ बुखार, पेशाब में जलन, रंग में बदलाव या सूजन जैसे लक्षण दिखें, तो सावधान हो जाना चाहिए। 

कुछ मामलों में पेट दर्द किडनी इंफेक्शन या अंदरूनी फोड़े का संकेत हो सकता है।गंभीर स्थिति में दिख सकते हैं अलग संकेतकिडनी फेलियर की गंभीर अवस्था में शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे दिल के आसपास सूजन आ सकती है और सीने में दर्द महसूस हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों में पैरों में दर्द, जलन या सूजन भी किडनी खराब होने का संकेत हो सकता है।डॉक्टरों की सलाह क्या कहती हैविशेषज्ञों का साफ कहना है कि किडनी की शुरुआती बीमारी में आमतौर पर दर्द नहीं होता, लेकिन जब दर्द महसूस होने लगे तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। जिन लोगों को किडनी रोग का खतरा ज्यादा है, उन्हें दर्द का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर जांच करानी चाहिए। समय रहते बीमारी की पहचान ही किडनी को गंभीर नुकसान से बचा 

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