माघ मेला 2026 में सतुआ बाबा सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले तीन करोड़ की डिफेंडर कार में वह सवारी करते नजर आए थे। अब वह जर्मन कार पोर्शे के साथ दिखे हैं। इस कार की कीमत करीब 5.5 करोड़ बताई जा रही है। महंगी कारों को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सतुआ बाबा पर निशाना साध रहे हैं। इस पर उन्होंने पलटवार किया है।
सतुआ बाबा का कहना है कि ये सभी कारें सनातन धर्म का वैभव हैं। ये कारें भक्तों के चंदे से खरीदी गई हैं। सभी कार आश्रम के नाम से रजिस्टर्ड हैं। इनके पूरे कागज हमारे पास है। जो लोग हमारी इन गाड़ियों को देखकर सवाल उठा रहे हैं, वे दरअसल सनातन धर्म से चिढ़े बैठे हैं।काशी के सनातन पीठ से नाता
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पास स्थित सनातन पीठ के महामंडलेश्वर सतुआ बाबा ने पिछले साल हुए महाकुंभ में जगतगुरु की भी पदवी हासिल कर ली थी। इस पीठ की स्थापना 1803 में हुई थी। गुजरात के संत जेठा पटेल ने इस पीठ की स्थापना की थी। इस आश्रम के मुखिया को सतुआ बाबा कहते हैं। इस आश्रम में बटुकों को वैदिक शिक्षा दी जाती है।ललितपुर के संतोष दास बने उत्तराधिकारी
यूपी के ललितपुर के रहने वाले सतुआ बाबा का असली नाम संतोष दास है। वह मात्र 11 साल की उम्र में काशी आ गए। यहां वह सनातन पीठ से जुड़ गए। उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें इस पीठ का उत्तराधिकारी बना दिया गया।चार्टर्ड प्लेन में करते हैं सफर
सोशल मीडिया पर सतुआ बाबा की कई ऐसी तस्वीरें हैं जिनमें वह चार्टर्ड प्लेन में सफर करते और सोते नजर आ रहे हैं। सतुआ बाबा हमेशा पीले वस्त्रों में रहते हैं। हाल ही में माघ मेले में स्नान करने गए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके शिविर में आए थे।

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