महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों के लिए प्रचार अभियान मंगलवार (13 जनवरी) को समाप्त हो गया। इस बीच, चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मंगलवार को चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग शहरों में कैश और महंगे सामानों की जब्ती की है। न्यूज 18 के मुताबिक उल्हासनगर, नालासोपारा और पिंपरी-चिंचवड से ऐसी खबरें सामने आई हैं। सभी की निगाहें मुंबई में BMC के लिए होने वाले बड़े मुकाबले पर टिकी हैं। यहां BJP के नेतृत्व वाला 'महायुति' ठाकरे बंधुओं की चुनौती का सामना कर रहा है।
उल्हासनगर के सुभाष टेकरी इलाके में एक रिक्शे में लाखों रुपये से भरा थैला ले जाए जाने की खबरों पर हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात युवक रिक्शे में कैश लेकर जा रहा था। तभी निर्दलीय उम्मीदवार नरेश गायकवाड़ को इसकी जानकारी मिली। गायकवाड़ ने तुरंत रिक्शे का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिक्शे से कथित तौर पर कैश से भरा बैग बरामद हुआ। इसके बाद युवक को पुलिस चौकी ले जाया गया। इसकी खबर मिलते ही वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि यह कैश कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों तक पहुंचाने के लिए लाई जा रही थी। फिलहाल, पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर कैश जब्त कर ली है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
निकाय चुनाव की बड़ी बातें
महाराष्ट्र नगर निकायों के 893 वार्ड में फैली 2,869 सीटों के लिए मतदान 15 जनवरी को सुबह 7.30 बजे शुरू होगा और शाम 5.30 बजे समाप्त होगा। कुल 3.48 करोड़ पात्र मतदाता 15,931 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें मुंबई के 1,700 और पुणे के 1,166 उम्मीदवार शामिल हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया। उन्होंने 'महायुति' उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के वास्ते पूरे राज्य का दौरा किया।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि 'महायुति' गठबंधन में तीसरी सहयोगी एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP को रणनीतिक रूप से बाहर रखा गया। ताकि गैर-हिंदू मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके। 20 साल पहले अलग हुए चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे मराठी मतों को एकजुट करने के प्रयास के तहत चुनाव से ठीक पहले एकजुट हो गए। जबकि NCP के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने पुणे, पिंपरी-चिंचवड और परभनी चुनावों के लिए हाथ मिला लिया।
वर्ष 2022 में विभाजित हुई शिवसेना के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का यह पहला चुनाव होगा। एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना को विभाजन का सामना करना पड़ा था। अविभाजित शिवसेना ने देश के सबसे धनी नगर निकाय पर 25 वर्षों तक शासन किया। वहीं, कांग्रेस ने मुंबई में महा विकास अघाडी के अपने सहयोगी दलों शिवसेना (UBT) और NCP (एसपी) की छाया से बाहर निकलकर इस चुनाव में एक मजबूत छवि पेश की है।
कांग्रेस ने मुंबई में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाडी (वीबीए) और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ गठबंधन किया है। जबकि नागपुर में उसने अकेले चुनाव लड़ने का विकल्प चुना है। संबंधित 29 नगर निकायों के चुनाव छह साल से अधिक समय के बाद हो रहे हैं। इनका कार्यकाल 2020 और 2023 के बीच समाप्त हुआ था। इनमें से 9 मुंबई महानगर क्षेत्र में हैं।

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