Top News

रेत माफिया व पुलिस गठबंधन ने फिर ली मुरैना में दो लोगों की जानThe sand mafia and police alliance have claimed two more lives in Morena!!

 

रेत माफिया व पुलिस गठबंधन ने मुरैना जिले में फिर दो लोगों की जान ली। पोरसा कस्बे की जौटई रोड पर 26 दिसंबर की देर रात भाजयुमो नेता दीपेंद्र सिंह भदौरिया निवासी सिकहरा ने शराब के नशे में अपनी तेज रफ्तार कार क्रमांक एमपी-06-सीए-5172 से जौटई रोड स्थित बायपास चौराहे पर सडक़ किनारे अलाव सेंक रहे पांच लोगों को कुचल दिया था।


इस हादसे में घायल पांच में से दो लोगों की ग्वालियर में शनिवार सुबह मौत हो गई। हादसे गुस्साए मृतकों के परिजन सहित 500 से अधिक लोगों ने पोरसा कस्बे से 3 किमी पहले एनएच-552 पर सुबह 11.30 बजे चक्काजाम कर दिया, जो शाम 5 बजे खुला। भीड़ आरोपी भाजयुमो नेता को छोड़े जाने से आक्रोशित थी। चक्का जाम कर रही भीड़ में चर्चा थी कि भाजपा नेता रेत कारोबारियों से थाना प्रभारी के नाम पर उगाही करते थे, उधर एक्सीडेंंट में घायल अभिषेक तोमर भी रेत के कारोबार से जुड़ा था और कुछ दिन से उसकी नजदीकियां थाना प्रभारी से बढ़ गई थीं, इसलिए भाजपा नेता को यह नागंवार लगा और अभिषेक में टक्कर मार दी लेकिन वहां अलाव सेक रहे अन्य लोग उसकी चपेट में आ गए। हालांकि इस खबर की कोई पुष्टि नहीं कर रहा लेकिन पोरसा में उक्त घटना को लेकर चर्चा है।

हादसे में पांच घायलों में से 2 की मौत, 2 की हालत गंभीर

भाजयुमो नेता की तेज रफ्तार कार से रामदत्त राठौर (65), अर्णव उर्फ अन्नू लक्षकार (11), कमलेश राठौर, गिर्राज राठौर और अभिषेक तोमर जख्मी हुए थे, जिन्हें पोरसा अस्पताल से जिला अस्पताल रैफर किया गया था। जिला अस्पताल से गंभीर हालत में घायल रामदत्त राठौर, अर्णव उर्फ अन्नू लक्षकार को गंभीर हालत में ग्वालियर रैफर किया गया था, जहां शनिवार सुबह दोनों की मौत हो गई। वहीं गिर्राज और अभिषेक का इलाज चल रहा है

चक्काजाम के दौरान महिलाओं ने पकड़ा पोरसा टीआई का कॉलर

एनएच-552 पर दोनों मृतकों के शव रखकर चक्काजाम कर रही भीड़ में उनके परिवार की महिलाएं भी शामिल थी। उग्र भीड़ को देखकर अंबाह एसडीएम रामनिवास सिकरवार, एसडीओपी रवि भदौरिया, पोरसा टीआई दिनेश कुशवाह, अंबाह टीआई सत्येंद्र सिंह कुशवाह, दिमनी टीआई जितेंद्र कुमार, नगरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र गौर, महुआ थाना प्रभारी सुखदेव चौहान अपने थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। यहां भीड़ को समझाइश देने के दौरान उग्र महिलाओं ने पोरसा टीआई का कॉलर पकड़ लिया। मौके पर मौजूद फोर्स ने जैसे-तैसे हालात को काबू में किया। तकरीबन चार से पांच घंटे की समझाइश के बाद अफसरों ने पीडि़तों की मांगें मानीं तब जाकर कहीं वह हाईवे से हटे और मृतकों का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।

Post a Comment

Previous Post Next Post