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राहुल गांधी पर विदेश में नजर रखी जाती है', सैम पित्रोदा का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप'Rahul Gandhi is being spied on abroad,' Sam Pitroda makes a serious allegation against the central government.

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दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के विदेश दौरे के दौरान भारतीय दूतावास के अधिकारी उन पर नजर रखते हैं और कई बार विदेशी नेताओं से उन्हें न मिलने को कहा जाता है।दरअसल, एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करते भारत में लोकतंत्र की स्थिति, संस्थानों के कथित वेपनाइजेशन समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।


अचानक नहीं होती राहुल गांधी की यात्रा

जर्मनी दौरे की टाइमिंग पर कांग्रेस नेता पित्रोदा ने कहा कि राहुल गांधी के विदेश यात्रा अचानक नहीं होती, बल्कि महीनों पहले ही तय हो जाता है। उन्होंने बताया कि जर्मनी दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रोग्रेसिव अलायंस की बैठक थी, जिसमें करीब 110 देशों की डेमोक्रेटिक पार्टियां शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में हर वक्त कुछ न कुछ होता रहता है। इसलिए टाइमिंग को लेकर सवाल हमेशा उठेंगे।

इसमें उन्होंने दावा किया कि कहा- मैंने खुद देखा है कि राहुल गांधी के होटल, मीटिंग्स और एयरपोर्ट पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है, हमें बताया गया कि कई बार दूतावास लोगों को फोन करके कहा जाता है कि वे राहुल गांधी से न मिलें। हालांकि, इसके सबूत नहीं हैं, लेकिन अनुभव के आधार पर यह बात कह रहा हूं। उन्होंने इसे सरकार की तरफ से जासूसी जैसा कदम बताया और कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है

सच तो सच होता है

राहुल गांधी पर विदेश जाकर भारत विरोधी बयान देने के आरोपों पर सैम पित्रोदा ने कहा कि आज के जमाने में जो आप भारत में कहते हैं, वही इंटरनेशनल हो जाता है और जो बाहर कहते हैं, वही नेशनल, सच देश में बोले या विदेश में, सच तो सच होता है, डबल स्टैंडर्ड नहीं हो सकते।

जर्मनी में जिन लोगों से राहुल गांधी की मुलाकात हुई, उसको लेकर फंडिग के आरोप पर सैम पित्रोदा ने कहा, 'सब बकवास है, हम यूनिवर्सिटी जाते हैं, पब्लिक स्पेस में बात करते हैं, कौन किससे जुड़ा है, हमें न पता है और न हमें फर्क पड़ता है। राहुल गांधी या कांग्रेस का किसी भी तरह की विदेशी फंडिंग या एंटी इंडिया नेटवर्क से कोई लेना-देना नहीं है।'

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