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MP में बस सेवा के लिए बनाएं 'लोगो' और जीतें ₹5 लाख का नकद इनाम, डिजाइन में इस भाषा का इस्तेमाल है जरूरीDesign a logo for bus services in Madhya Pradesh and win a cash prize of ₹5 lakh; using this language in the design is mandatory.

 

भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की सूरत बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। राज्य सरकार ने अपनी नई परिवहन इकाई ‘मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ (MPYPIL) के लिए एक आकर्षक 'लोगो' (प्रतीक चिन्ह) डिजाइन करने की प्रतियोगिता आयोजित की है। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को कुल 8 लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। 


योजना और उद्देश्य?

पिछले दिनों 1 अप्रैल 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना' को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक तकनीक से लैस बस सेवा प्रदान की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था के संचालन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 'मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' (MPYPIL) का गठन किया गया है। 

प्रतियोगिता का आकर्षण: ₹5 लाख का प्रथम पुरस्कार

"लेट्सक्रिएट अ लोगो" नाम की इस प्रतियोगिता में देश भर के कला एवं अन्य संकाय के छात्र, फ्रीलांसर कलाकार और प्रोफेशनल एजेंसियां भाग ले सकती हैं। चयन समिति सर्वश्रेष्ठ तीन डिजाइनों को चुनेगी: 

प्रथम पुरस्कार: ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) 

द्वितीय पुरस्कार: ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) 

तृतीय पुरस्कार: ₹1,00,000 (1 लाख रुपये) 

संस्कृत टैगलाइन है अनिवार्य

प्रतियोगिता की सबसे महत्वपूर्णशर्तयह है कि लोगो के साथ संस्कृत भाषा में एक टैगलाइन (आदर्श वाक्य) होनी चाहिए। यह टैगलाइनLIC के "योगक्षेमंवहाम्यहम्" की तरह प्रभावशाली होनी चाहिए। इसका अर्थ जिसका अर्थ है "आपका कल्याण हमारी ज़िम्मेदारी है" या "मैं आपके हित और कल्याण का वहन करता हूँ"। इस टैगलाइन से विभाग का ध्येय परिभाषित होता हो। 

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