लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से 85,854 लोगों के नाम हटाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फर्जी बताया है। अधिकारी के अनुसार, मतदाता सूची में संशोधन की कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की गई है और किसी का नाम गलत तरीके से हटाए जाने का दावा सही नहीं है।
नियमों के तहत हुई कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया तय कानूनी प्रावधानों के अनुसार होती है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों पर भरोसा करने से पहले मतदाताओं को आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
मतदाता ऐसे करें जांच
मतदाता निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर अपना नाम खोज सकते हैं। यदि नाम सूची में नहीं मिलता या विवरण में गलती दिखाई देती है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी से संपर्क कर नियमानुसार शिकायत या आवेदन किया जा सकता है।
मतदाता सूची में नाम होना मतदान के अधिकार के इस्तेमाल के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी वायरल संदेश के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक सूची और निर्वाचन विभाग की सूचना देखना जरूरी है।

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