संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में कोई ढील नहीं होगी। उन्होंने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को भी रेखांकित किया।
जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक ऐसे देश की ओर से तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया, जिसे उन्होंने आतंकवाद का “serial practitioner” बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने या उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क स्वीकार नहीं किए जा सकते।
विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने UNGA संबोधन में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही थी। जयशंकर ने इसके जवाब में भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया।
इससे एक दिन पहले न्यूयॉर्क में एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर भी जयशंकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया था, जिस पर जयशंकर ने जवाब दिया।
भारत ने UNGA के दौरान आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप कार्रवाई के अपने रुख को दोहराया है।

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