नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शिनी अपने समुद्री अभियान ‘लोकायन 2026’ के तहत इटली के लिवोर्नो पहुंच गया है। यह यात्रा भारत की समुद्री परंपराओं, नौवहन विरासत और दुनिया के साथ समुद्री संपर्कों की ऐतिहासिक कहानी को सामने रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
INS सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का पूर्णतः स्वदेशी नौकायन प्रशिक्षण पोत है। अभियान के दौरान यह अब तक 10 देशों का दौरा कर चुका है। यात्रा का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र से जुड़ी सदियों पुरानी भारतीय परंपराओं और विभिन्न देशों के बीच समुद्री संपर्कों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
लिवोर्नो में पोत का पहुंचना भारत और इटली के बीच समुद्री संबंधों को भी रेखांकित करता है। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु इस अभियान के जरिए समुद्र में नौवहन, अनुशासन और टीमवर्क का व्यावहारिक अनुभव हासिल कर रहे हैं।
‘लोकायन 2026’ इस संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है कि समुद्र केवल व्यापार और सुरक्षा का माध्यम नहीं रहा, बल्कि सभ्यताओं को जोड़ने वाला रास्ता भी रहा है। INS सुदर्शिनी की यात्रा इसी साझा समुद्री विरासत को आधुनिक दौर में फिर से सामने ला रही है।
दस देशों की यात्रा पूरी कर चुका यह पोत अब इटली में भारत की समुद्री क्षमता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। नौसैनिक प्रशिक्षण के साथ ऐसी यात्राएं भारत की सॉफ्ट पावर और समुद्री कूटनीति को भी मजबूती देती हैं।

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