नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधारों में शामिल किया है। IMF की जुलाई 2026 की विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है और 2026 में इसकी वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने भी जुलाई में कहा था कि भारत दुनिया की वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है। उनके अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2027 में इसके बढ़कर 6.7 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
IMF के मुताबिक भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे घरेलू खपत और सेवा क्षेत्र की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वैश्विक स्तर पर 2026 में वृद्धि दर करीब 3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऐसे में भारत की अनुमानित 6.4 प्रतिशत वृद्धि वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक है।
हालांकि IMF ने भारत के सामने ऊर्जा कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बाहरी आर्थिक झटकों जैसे जोखिमों की ओर भी संकेत किया है। संस्था का आकलन है कि भारत की तेज वृद्धि को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए आर्थिक सुधार, उत्पादकता, निवेश और वित्तीय स्थिरता पर लगातार ध्यान देना होगा।

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