नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में महिलाओं की भागीदारी के 40 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर 25 सितंबर 2026 को महिला कर्मियों और ‘लेडी कमांडो’ के योगदान को सम्मानित किया जाएगा। CRPF के मुताबिक, बल में महिलाओं को विभिन्न जिम्मेदारियों और ऑपरेशनल भूमिकाओं में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
CRPF में महिलाओं की औपचारिक शुरुआत 1986 में पहली महिला बटालियन के गठन के साथ हुई थी। इसके बाद महिला कर्मियों की भूमिका लगातार विस्तृत हुई। कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी, आतंकवाद रोधी अभियानों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियों में महिला जवानों ने हिस्सा लिया है।
समय के साथ महिला कर्मियों को कमांड और विशेषज्ञ भूमिकाओं में भी अवसर दिए गए। CRPF की महिला इकाइयों में प्रशिक्षित कमांडो को विशेष परिस्थितियों में तैनात किया जाता है। भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील परिस्थितियों में महिलाओं से जुड़े मामलों को संभालने में भी महिला कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
25 सितंबर के कार्यक्रम में सेवा के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला कर्मियों को सम्मानित किए जाने की तैयारी है। CRPF का कहना है कि महिलाओं को संगठन की हर भूमिका में आगे बढ़ने का अवसर देना उसकी कार्यसंस्कृति का हिस्सा है।
महिला भागीदारी बढ़ाने की यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की व्यापक महिला सशक्तीकरण नीति से भी जुड़ी है। CRPF जैसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सुरक्षा सेवाओं में बदलती कार्यसंस्कृति और जिम्मेदारियों के विस्तार को दर्शाती है।

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