मानसून की भारी बारिश से कोयला खदानों और ढुलाई पर पड़े असर के बाद अब Coal India Limited (CIL) ने उत्पादन और सप्लाई दोनों तेज कर दी हैं। 8 सितंबर को कंपनी का दैनिक कोयला उत्पादन करीब 40% बढ़कर 19.1 लाख टन पहुंच गया, जबकि 1 से 3 सितंबर के दौरान औसत उत्पादन करीब 13.6 लाख टन था। बिजली क्षेत्र को कोयले की दैनिक आपूर्ति भी करीब 27% बढ़कर 17.4 लाख टन हो गई।
दरअसल, सितंबर की शुरुआत में स्थिति चिंताजनक हो गई थी। 6 सितंबर तक देश के 57 थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक गंभीर रूप से कम बताया गया था। इससे पहले CEA के आंकड़ों में 58 संयंत्रों के स्टॉक को क्रिटिकल स्तर पर पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
बारिश कम होने के बाद खदानों में जमा पानी निकालने, आंतरिक सड़कों की मरम्मत और कोयला ढुलाई बढ़ाने का काम तेज हुआ है। Coal India ने बिजली संयंत्रों को तय अनुबंध से अतिरिक्त कोयला उठाने का विकल्प भी दिया है। कंपनी ने रेल के साथ सड़क मार्ग से भी सप्लाई बढ़ाने की व्यवस्था की है।
सबसे तेज सुधार Northern Coalfields Ltd (NCL) में दिखाई दिया, जहां 8 सितंबर को उत्पादन में 67% और सप्लाई में 75% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। रेल लोडिंग भी पहले की तुलना में काफी बढ़ी।
हालांकि इसे पूरी तरह संकट खत्म होना मानना जल्दबाजी होगी। सितंबर में बिजली की मांग भी असामान्य रूप से ऊंची बनी हुई है और 8 सितंबर को देश की पीक बिजली मांग 260 GW से ऊपर पहुंच गई। ऐसे में आने वाले दिनों में कोयले की लगातार आपूर्ति ही तय करेगी कि थर्मल पावर प्लांट्स का स्टॉक कितनी तेजी से सामान्य होता है।
Post a Comment