युद्ध में अब कोई जगह सुरक्षित नहीं’, CDS जनरल सुब्रमणि की चेतावनी; भविष्य के लिए हर मोर्चे पर तैयार रहना होगा



नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने भविष्य के युद्धों को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आज किसी संघर्ष या युद्ध की स्थिति में कोई भी स्थान पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब सीमा से दूर स्थित इलाकों को भी पारंपरिक अर्थों में सुरक्षित नहीं समझा जा सकता। 


दिल्ली में आयोजित एक रक्षा सम्मेलन में जनरल सुब्रमणि ने कहा कि भारत केवल एक तरह के युद्ध या एक मोर्चे की तैयारी करने का जोखिम नहीं उठा सकता। भविष्य के युद्ध जमीन, समुद्र, हवा, अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना क्षेत्र में एक साथ लड़े जा सकते हैं। ऐसे में सेना के साथ-साथ देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को भी लगातार मजबूत करना जरूरी होगा। 


सीडीएस ने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र लगातार अधिक पारदर्शी और आपस में जुड़ा हुआ हो रहा है। ड्रोन, सेंसर, डेटा और निगरानी तकनीक के कारण किसी लक्ष्य को छिपाए रखना पहले की तुलना में मुश्किल हो गया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सस्ते ड्रोन भी महंगे और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों या उपकरणों को निशाना बनाने में भूमिका निभा सकते हैं। 


जनरल सुब्रमणि ने भविष्य की तैयारी के लिए ‘BUILD’ का सूत्र भी सामने रखा—Battlefield, Understanding the Economics of War, Integration of Technology, Data and Industry, Learning and Adaptation तथा Delivery at Scale। उनका संदेश साफ था कि बदलते युद्धक्षेत्र में तेजी से सीखना, तकनीक अपनाना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलना सैन्य तैयारी का अहम हिस्सा होगा।

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