रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनकर आने पर रोक लगाने वाले डिक्री-लॉ को मंजूरी दे दी है। इटली की कैबिनेट ने 24 सितंबर 2026 को यह फैसला लिया। नए प्रावधान के तहत स्कूलों में ऐसा कोई परिधान पहनने की अनुमति नहीं होगी जिससे चेहरा पूरी तरह ढक जाए। उल्लंघन पर 200 से 1,000 यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है। नाबालिग के मामले में जुर्माना उसके माता-पिता पर लगाया जा सकता है।
यह फैसला केवल बुर्का-नकाब तक सीमित नहीं है। सरकार ने स्कूलों में उन विद्यार्थियों की संख्या को भी सीमित करने का फैसला किया है, जिन्हें इतालवी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। शुरुआती कक्षाओं में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 30 प्रतिशत तक सीमित रखने की व्यवस्था की गई है, हालांकि नियम में अलग-अलग स्तरों के लिए विशेष मानदंड और छूट भी रखी गई हैं।
मेलोनी सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य इतालवी भाषा सीखने, स्कूलों में बेहतर एकीकरण और अलग-थलग कक्षाओं से बचने के लिए नियम मजबूत करना है। विपक्ष और कुछ शिक्षा संगठनों ने इन उपायों की आलोचना की है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरे इटली में हर सार्वजनिक स्थान पर बुर्के पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं, बल्कि फिलहाल स्कूलों से संबंधित नए डिक्री का प्रावधान है। डिक्री को कानून का स्थायी रूप देने के लिए संसद की प्रक्रिया भी जरूरी होगी।

Post a Comment