भारत-पाक सीमा के दक्षिणी हिस्से में बड़ा हवाई युद्धाभ्यास; नाल-बीकानेर से जैसलमेर और बाड़मेर तक एयरस्पेस आरक्षित
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब भारतीय वायुसेना बड़े सैन्य अभ्यास की तैयारी में है। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाले इस अभ्यास के लिए बड़े हिस्से का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से आरक्षित किया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सैन्य गतिविधियों को देखते हुए पाकिस्तान की ओर भी निगरानी और सतर्कता बढ़ने की खबर है।
आरक्षित हवाई क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के दक्षिणी सेक्टर में बताया जा रहा है। इसके दायरे में नाल-बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और उत्तरलाई जैसे महत्वपूर्ण सैन्य एवं हवाई क्षेत्र आते हैं। ऐसे इलाकों में हवाई अभ्यास के दौरान लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य विमानों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
हवाई क्षेत्र आरक्षित करने के लिए जारी नोटिस टू एयरमेन का उद्देश्य नागरिक विमानों को अभ्यास वाले क्षेत्र से दूर रखना और सैन्य उड़ानों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होता है। पहले भी राजस्थान सीमा के पास होने वाले अभ्यासों में हजारों फीट की ऊंचाई तक हवाई क्षेत्र आरक्षित किया जाता रहा है। जुलाई 2026 में हुए एक अभ्यास के दौरान 28 हजार फीट तक का हवाई क्षेत्र आरक्षित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
मौजूदा घटनाक्रम को ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की बढ़ी सैन्य तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि सैन्य अभ्यास को अपने आप में युद्ध की तैयारी मानना सही नहीं होगा, क्योंकि वायुसेना नियमित रूप से अपनी युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारी परखने के लिए ऐसे अभ्यास करती है।
इसके बावजूद पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हवाई गतिविधियों ने पड़ोसी देश की चिंता जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में आसमान में भारतीय वायुसेना की गतिविधियों पर दोनों देशों की नजर रहने वाली है।

Post a Comment