भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में जुड़ने के बाद आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और हाल ही में उनका नाम पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में ‘स्थानांतरित’ के रूप में दर्ज हुआ था। इसके बाद दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल किया गया।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। दिल्ली के आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का दावा है कि 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में संबंधित मतदान केंद्र पर 746 मतदाता थे, लेकिन बाद में चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के रूप में दिखाई दिया। पार्टी ने पूछा है कि यह नाम किस आवेदन और किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः प्रपत्र 6, 7 और 8 की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारियों के मुताबिक चड्ढा का नाम नियमित मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया और दिल्ली में ऐसे सैकड़ों आवेदन मंजूर किए गए हैं।
चड्ढा ने भी कहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। ऐसे में अब असली सवाल राजनीतिक आरोपों से ज्यादा दस्तावेजी प्रक्रिया का है—आवेदन कब हुआ, किस आधार पर हुआ और नाम जोड़ने की पूरी प्रक्रिया क्या रही। आयोग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण इस विवाद को साफ कर सकता है।

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