तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुआ टकराव अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के खिलाफ काले कपड़ों में प्रदर्शन करने पहुंचे भारत राष्ट्र समिति के नेताओं को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ था। केटी रामा राव और टी. हरीश राव समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
अब इस विवाद में पुलिस ने केटीआर, हरीश राव, सुधीर रेड्डी समेत कई बीआरएस नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज में नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की, कथित दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा के इस्तेमाल की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
इसी बीच बीआरएस के विधान परिषद सदस्य टी. मधुसूदन राव, जिन्हें ताता मधु के नाम से जाना जाता है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ एक अन्य विधान परिषद सदस्य नवीन कुमार रेड्डी की गिरफ्तारी भी हुई है। दोनों पर विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून की धाराएं भी लगाई हैं।
विवाद के बीच विधानसभा अध्यक्ष भावुक हो गए और उन्होंने कथित टिप्पणी को अपने पद और सम्मान से जोड़ते हुए गंभीर आपत्ति जताई। दूसरी ओर बीआरएस ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
मामला अब सड़क के प्रदर्शन से निकलकर पुलिस कार्रवाई, विधानसभा की मर्यादा और विपक्ष के अधिकारों की बड़ी राजनीतिक लड़ाई बन गया है।

Post a Comment