आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिंता और तनाव को अक्सर मामूली बात मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन जब एंग्जायटी लंबे समय तक बनी रहे या गंभीर रूप ले ले, तो उसका असर सिर्फ मानसिक स्थिति तक सीमित नहीं रहता। शरीर और बालों की सेहत भी इससे प्रभावित हो सकती है।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार लगातार तनाव और गंभीर एंग्जायटी शरीर के सामान्य संतुलन को बिगाड़ सकती है। लंबे समय तक मानसिक दबाव रहने पर बालों के बढ़ने और झड़ने के प्राकृतिक चक्र पर असर पड़ सकता है। कई मामलों में तनाव के बाद अचानक बाल ज्यादा मात्रा में झड़ने लगते हैं, जिसे चिकित्सकीय भाषा में टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है।
हालांकि हर हेयर फॉल का कारण एंग्जायटी नहीं होती। शरीर में आयरन या अन्य पोषक तत्वों की कमी, थायरॉइड की समस्या, हार्मोन में बदलाव, आनुवंशिक कारण और कुछ बीमारियां भी बाल झड़ने की वजह बन सकती हैं। इसलिए केवल तनाव को जिम्मेदार मानकर इलाज शुरू करना सही नहीं है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर बाल अचानक तेजी से झड़ रहे हों, सिर में खाली जगह दिखने लगे या लंबे समय तक समस्या बनी रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। साथ ही पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश भी जरूरी है।
बालों का झड़ना कई बार शरीर की अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे केवल सौंदर्य की समस्या समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

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