भोपाल । काजी कैंप पर मिसाइल वाले बयान को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच जुबानी टकराव और तेज हो गया है। 16 सितंबर को शर्मा ने ओवैसी के जवाब पर पलटवार करते हुए कहा कि वे बैरिस्टर हैं, इसलिए भाषा की मर्यादा बनाए रखें। शर्मा ने अपने पहले बयान पर कायम रहने की बात भी कही।
विवाद की शुरुआत 6 सितंबर को करोंद में शर्मा के उस बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से मिसाइल चलने पर उसके काजी कैंप में गिरने की बात कही थी। बाद में शर्मा ने सफाई दी थी कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप से था। इसके बाद ओवैसी ने भोपाल में सभा के दौरान शर्मा को काजी कैंप आने की चुनौती दी।
अब जवाब में शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत की मिसाइल क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां आतंकवाद या भारत विरोधी कैंप होंगे, वहां भारत की मिसाइल तैयार है। उन्होंने ओवैसी से कहा कि वे उनका पूरा भाषण सुनें और आपत्ति हो तो अदालत जाएं।
शर्मा ने विवाद को UCC से भी जोड़ते हुए समान कानून की वकालत की। उन्होंने बहुविवाह, हलाला और तलाक जैसी प्रथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में समान कानून होना चाहिए और UCC लागू होकर रहेगा।
इस पूरे विवाद में अब राजनीतिक मुद्दे के साथ भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा भी बहस का विषय बन गई है। दोनों नेताओं के बयानों के बीच सवाल यह है कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक असहमति को किस तरह सार्वजनिक संवाद में रखा जाए।

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