जिंक शरीर के लिए जरूरी खनिजों में शामिल है। यह इम्यून सिस्टम, घाव भरने, कोशिकाओं की वृद्धि और प्रोटीन-डीएनए निर्माण जैसी कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। हालांकि जिंक की कमी हर व्यक्ति में एक जैसी दिखाई नहीं देती और केवल लक्षणों के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
जिंक की कमी में दिख सकते हैं ये संकेत:
बार-बार संक्रमण होना या रिकवरी में ज्यादा समय लगना
घाव देर से भरना
बालों का अधिक झड़ना
स्वाद या गंध महसूस करने की क्षमता में बदलाव
भूख कम लगना
त्वचा पर बार-बार समस्याएं होना
बच्चों में विकास प्रभावित होना
इनमें से कई लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर जिंक सप्लीमेंट शुरू करना उचित नहीं है।
खाने में शामिल करें ये चीजें:
कद्दू के बीज, तिल, काजू जैसे नट्स और सीड्स, दालें, चने, राजमा, साबुत अनाज, दूध और डेयरी उत्पाद जिंक के स्रोत हो सकते हैं। मांस, मछली और अंडे खाने वालों को भी आहार से जिंक मिल सकता है।
एक जरूरी बात यह है कि जिंक की जरूरत उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है। बिना जरूरत लंबे समय तक हाई-डोज जिंक सप्लीमेंट लेने से कॉपर की कमी समेत अन्य समस्याएं हो सकती हैं। लगातार लक्षण रहने पर डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराना बेहतर है।

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