बेल्जियम से मिले सकारात्मक संकेत, मोदी-डे वेवर बैठक में उठा प्रत्यर्पण का मुद्दा; पीएनबी घोटाले के आरोपी को लाने की कोशिश तेज
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक के करीब 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की भारत वापसी की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है। भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत में दोनों देशों के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग और लंबित मामलों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया कि भारत भगोड़ों को न्याय का सामना कराने के लिए वापस लाने को प्रतिबद्ध है।
चोकसी फिलहाल बेल्जियम की जेल में है। भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर बेल्जियम की अदालत पहले ही सकारात्मक रुख दिखा चुकी है। अप्रैल 2026 में एंटवर्प की अदालत ने भारत की प्रत्यर्पण मांग का समर्थन करते हुए छह आरोपों पर भारत को चोकसी सौंपने के पक्ष में राय दी थी।
अब निगाह बेल्जियम सरकार के अंतिम फैसले पर है। सितंबर की शुरुआत तक यह फैसला लंबित था, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद मामले में कूटनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।
भारत के लिए चोकसी की वापसी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जांच एजेंसियां उसे पीएनबी घोटाले के प्रमुख आरोपियों में मानती हैं। उसका भांजा नीरव मोदी भी इस मामले में आरोपी है और ब्रिटेन में प्रत्यर्पण संबंधी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
**अब सवाल सिर्फ इतना है—बेल्जियम की सकारात्मक पहल कब चोकसी को भारत की जेल तक पहुंचाती है?**

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